काफी समय से मैं ये सोचता था की आज के इस समय में हम लड़को ने ही धर्म का ठेका लिया हुआ है।
हम ही है जो सभी को ये बताते घूम रहे है की हम भी कुछ जानते है धर्म के बारे में।
जब इज़राइल में मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई नहीं हुए तो भारत में हिन्दू मुस्लिम भाई भाई कैसे हो सकते है??
परंतु आज एक लड़की ने मेरे इस भ्रम् को तोड़ दिया है।
लड़की का नाम है शिवानी गजेरा
इनके पोस्ट को पढ़ते ही मन मष्तिस्क में बिजली से दोड़ गई और भ्रम भी टूट गया
आप भी देखे।
Tuesday, 26 May 2015
धर्म का ठेकेदार कोन?
Sunday, 24 May 2015
राष्ट्रगीत का अपमान किसने किया? जय ललित अथवा हामिद अंसारी??
इस लेख में 3 व्यक्तियो को इंगित किया जा रहा है तीनो के विषय में संक्षेप में बताया जायेगा
1.हामिद अंसारी-ये वो व्यक्ति है जो भारत के प्रधान नागरिक राष्ट्रपति का मुख्या सलाहकार है।ये वाही व्यक्ति है जो राष्ट्रपति की अनुपस्तिथि में उसका काम करने की हैसियत रखता है।धर्म से ये मुस्लिम है और काफी अच्छे से अपने धर्म के पालक है।इन्होंने कभी भी राष्ट्रीय ध्वज को सलामी नहीं दी यहाँ तक की गणतंत्र दिवस पर भी नहीं दी।इन्होंने एक समारोह में तिलक लगवाने से ये कहकर मना कर दिया की इनका धर्म इस कार्य की अनुमति नहीं देता।क्या ये रास्ट्रवादी है??
देश के इतने बड़े पद पर आसीन होकर भी देश को समर्पित ना होना केवल धर्म को समर्पित होना क्या ये सही है????
इस बात का जवाब केवल भक्त लोग ही दे सकते है।
मीडिया इसका जवाब नहीं मांगती क्योके ये देश सिर्फ हिन्दुओ से देश भक्ति का सबूत मांगता है।
कारगिल ने एक शहीद हुआ तो पूरी कौम को गोरवान्वित महसूस हुआ लेकिन ये नहीं देखा की और भी कितने लोग मरे थे???किस धर्म के थे किस जाती के थे एक ईसाई सिपाही ने अपने अफसर के शव को लाने के लिए जान दी उसके बारे में किसी ने नहीं कहा।
जय ललिता - मुख्यमंत्री थी और हैं।
आय से ज्यादा संपत्ति रखने के जुर्म में जेल जा चुकी है और बहार आके शपथ भी ले ली दोबारा मुख्यमंत्री की।अब बात ये है की शपथ लेने के समय पर राष्ट्रीयगान बज रहा था शुभ मुहूर्त निकल ना जाये इस लये उसे बंद कर के शपथ दिलाई गई।अब इसमें अपमान वाली क्या बात है बंद तो किया था ना अगर बिजली गुल हो जाती तो भी तो अपमान होता ना।उनका धर्म लाखो सालो से है और राष्ट्रीयगान को अभी 100 वर्ष नहीं हुए ठीक से धर्म का अपमान कर लो लेकिन राष्ट्रीयगान का नहीं होना चाहिए ये कहा का न्याय है??
हमने कर दिया तो अन्याय और आप करो तो धार्मीक।।।
3.अब्दुल् कलाम -मिसाइल मैन महान वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति इन्होंने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया की ये गलत साबित हो।
राष्ट्र को सर्वोपरि माना इस्लाम को दूसरे स्थान पर और भारतीयता को पहले पे रखा।
गीत का पाठ करना दिनचर्या में शामिल था।
मीट खाने से परहेज।
मीट खाना बुद्धि भ्रस्ट करने के सामान
ये थे सच्चे रास्ट्रवादी
ध्वज को प्रणाम करने से अगर इस्लाम भ्रस्ट होता है तो ये इस्लामी नहीं हो सकते अगर तिलक लगाने से इस्लाम खतरे में आता है तो ये इस्लामी नहीं हो सकते।
अब आप ही इन विषयो पे विचार करे और कुछ बताये।
क्यों मुस्लिम धर्म गुरु राष्ट्र की सहायता के लिए आगे नहीं आते???
आज एक बड़ी ही विचित्र बात सामने आई है की हमारे रेल मंत्री ने सफाई के लिए धर्म गुरुओ को आमनत्रित किया है इस खबर को सुनकर हिन्दू एवं बौद्ध धर्म गुरुओ ने रेल की पटरियों पर उतार कर यात्रियों के द्वारा की गई गन्दगी को समेटने में पूरा योगदान दिया है परंतु इन मुस्लिम धर्म गुरुओ को क्या हुआ है??
क्या ये एक स्वछ देश नहीं चाहते??
ये तो केवल एकतरफा बात हुई के सफाई हम करे और गन्दा आप सभी।
अगर आप भी अपना सर उठा कर स्वयं को सच्चा मुस्लिम कहना चाहते है तो क्यों सामाजिक जिम्मेदारियो से भाग रहे है??
चुनाव में आपने बढ़ चढ़ कर एक राजनितिक पार्टी को फायदा पहुचने का प्रयास किया परुन्तु आपकी एक न चली और इसी कारण से आपको एक जान समुदाय के कोप का भाजन बनना पड़ा।
अब तो अपनी छवि को सुधारिये कुछ देश हित में कर के अपने जीवन और अपने समुदाय को अच्छा बनने का मोका प्रस्तुत कीजिये।
मुस्लिम भी अंधविश्वासी है केवल हिन्दू को दोष ना दें
बात उस इसमे की है जब में विद्यालय में पढ़ा करता था मेरा एक सहपाठी जो मुज़से बात किया करता था अपने मस्जिद के विषय में उसने एक दिन एक बड़ी ही अचंभित करने वाली बात मेरे आगे रखी और उसपे विशवास करने को कहा ।
संवाद कुछ इस प्रकार था
विद्यालय में भोजन अवकाश हुआ और उसने अपनी बात सामने रखी कहा की कल किसी बच्चे में कुरान जमीन पर गिरा दी तो मोलवी साहब ने पुछा की किसने गिराई कुरान भूमि पर काफी कोशिशो के बाद भी किसी ने इस बात को नहीं बताया की किसने गिराया।
तब मोलवी साहब ने एक परचा उठाया और कुछ बुदबुदाया उसके बाद उसे जल दिया और कहा की वो बच्चा मर गया है जिसने ऐसा किया।
अब प्रश्न ये है की क्या ऐसा संभव है की कागज के जलने से कोई व्यक्ति मर जाये??
कोनसा मजहब इस बात को कहता है की पुस्तक के जमीन पर गिरने की सजा अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी??
क्या मानवता कोई धर्म नहीं है?
गलती से गिरी एक पुस्तक से ईश्वर का अपमान हो गया?
बच्चे ईश्वर का रूप है तो क्यों इस प्रकार से उन्हें प्रताड़ित किया जाता है
आज के समय में मुजाहिद्दीन और ऐसे ही कई समूहों ने विश्व में शांति को भंग किया हुआ है केवल एक धर्म के नाम पर और केवल ये कहकर की येसब वो शांति स्थापित करने के लिए कर रहे है।
महाराजा अशोक ने भी अपनी तलवार रख दी थी शांति स्थापित करने के लिए वो भी विश्व विजेता थे।
उनके समक्ष कोई ऐसा राजा नहीं था जो उन्हें चुनोती दे सके फिर भी उन्होंने शांति पूर्ण तरीके से अपना राज चलाया अपनी बेटी को सत्ता सोंप कर संन्यास धारण किया और फिर कभी युद्ध नहीं किया तो क्यों आज के समय में कुछ मुस्लिम मिलकर ओरतो और बच्चों पर अत्याचार कर रहे है??
कमजोरो पर अत्याचार करना नपुंसकता है और ये केवल एक ही जाती दिखा रही है ।
Saturday, 23 May 2015
A truth of our prime minister and our opposition
There is a short story about our PM and our oldest business party "indian national congress"
Its a hard time for our PM but we know that all days are not same.
Here is a tribute to our PM
रावण जब रणभूमि में मृत्युशय्या पर अंतिम सांसे ले रहा था तब उसने श्री राम से कहा-'राम मैं तुमसे हर बात में श्रेष्ठ हूँ। जाति मेरी ब्राह्मण हैं, जो तुमसे श्रेष्ठ है। आयु में भी तुमसे बड़ा हूँ, मेरा कुटुम्ब तुम्हारे कुटुम्ब से बड़ा है। मेरा वैभव तुमसे अघिक हैं, तुम्हारा महल स्वर्णजड़ित है परन्तु मेरी पूरी लंका ही स्वर्ण नगरी है, मैं बल और पराक्रम में भी तुमसे श्रेष्ठ हूँ, मेरा राज्य तुम्हारे राज्य से बड़ा है, ज्ञान और तपस्या में तुमसे श्रेष्ठ हूँ। इतनी श्रेष्ठताओं के होने पर भी रणभूमि में मैं तुमसे परास्त हो गया सिर्फ इसलिये कि तुम चरित्रवान हो और मैं चरित्रहीन।'
भारत के पूर्व एवं वर्तमान प्रधानमन्त्री
There is only one man who can make india a vibrent india.1 year ago there is a man who dont known the highly spoken language of india.he only speaks a commercial language which is less known in all Over our country.now these days there is man who only speaks The mother tounge.all over the world know the 2nd heighest spoken language is our mother tounge.